मध्य प्रदेश: एक परिचय - सोया स्टेट, हृदय प्रदेश और भी बहुत कुछ!
मध्य प्रदेश: एक परिचय - सोया स्टेट, हृदय प्रदेश और भी बहुत कुछ!
मध्य प्रदेश, जिसे सोया स्टेट, हृदय प्रदेश, मध्य भारत, और लघु भारत जैसे नामों से भी जाना जाता है, भारत का एक अनूठा राज्य है। अपनी समृद्ध संस्कृति, ऐतिहासिक विरासत और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध यह राज्य, नदियों का मायका भी कहलाता है।
मध्य प्रदेश की मूलभूत जानकारी
राजधानी: भोपाल
स्थापना दिवस: 1 नवंबर 1956
वर्तमान स्वरूप दिवस: 1 नवंबर 2000
राजकीय चिन्ह: चौबीस स्तूप आकृति के अंदर एक व्रत
राजकीय पुष्प: सफेद लिली
राजकीय मछली: महाशीर
राजकीय नाट्य: माव
राजकीय फसल: सोयाबीन
राजकीय खेल: मलखम
राजकीय पशु: बारहसिंगा (दलदली हिरण) - ध्यान दें: मूल पाठ में राजकीय पशु 'मलखम' दिया गया था, जो कि राजकीय खेल है। सही राजकीय पशु 'बारहसिंगा' है।
मध्य प्रदेश के प्रमुख शहर और उनकी पहचान
मार्बल सिटी: जबलपुर
मिनी मुंबई: इंदौर
तानसेन की नगरी: ग्वालियर
झीलों की नगरी: भोपाल
व्यावसायिक राजधानी: इंदौर
संगीत की राजधानी: मैहर
नदियाँ और उनकी पहचान
मध्य प्रदेश की गंगा: बेतवा
मालवा की गंगा: क्षिप्रा
प्रमुख व्यक्ति और उनके उपनाम
आधुनिक चाणक्य: द्वारिका प्रसाद मिश्र
राजमाता: विजयराजे सिंधिया
मालवा का कबीर: संत सिंगाजी
नोबेल शांति पुरस्कार प्राप्तकर्ता प्रथम व्यक्ति: कैलाश सत्यार्थी
राज्य का प्रथम मुख्यमंत्री: पं. रविशंकर शुक्ल
प्रथम निर्वाचन आयुक्त: एन.वी. लोहानी
प्रथम आईएएस: निर्मल बुच
प्रथम गैर कांग्रेसी मुख्यमंत्री: कैलाश जोशी
प्रथम महाधिवक्ता: श्री एम. अधिकारी
मध्य प्रदेश से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण तथ्य
सबसे बड़ी जनजाति: भील
सबसे ज्यादा वन वृक्ष: सागौन
सर्वाधिक शिक्षा वाला जिला: इंदौर
सबसे बड़ा नगर: इंदौर
सबसे ऊंचा स्थान: धूपगढ़, पचमढ़ी
सबसे लंबा पुल: तवा नदी पुल
कुपोषित जिला: श्योपुर
सर्वाधिक केला उत्पादित जिला: बुरहानपुर
देश में सर्वाधिक पवन चक्कियां: मध्य प्रदेश
हीरा उत्पादन में प्रथम राज्य: मध्य प्रदेश
तेंदूपत्ता और बीड़ी निर्माता सबसे बड़ा राज्य: मध्य प्रदेश
सबसे बड़ा रेलवे जंक्शन: इटारसी
पहला आईटी पार्क: भोपाल
प्रथम पर्यटक नगर: शिवपुरी
महिलाओं के लिए एकमात्र जेल: होशंगाबाद
पहला मदर मिल्क अस्पताल: होशंगाबाद
एकमात्र हिल स्टेशन: पचमढ़ी
एकमात्र बैंकनोट प्रेस: देवास
सबसे पहला किसान विद्यालय: जबलपुर
सबसे बड़ा भौतिक विभाग: मालवा का पठार
मध्य प्रदेश के जिले और पड़ोसी राज्य
मध्य प्रदेश में कुल 52 जिले हैं। यह राज्य 5 पड़ोसी राज्यों से घिरा हुआ है:
उत्तर प्रदेश (13 जिले): मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, अशोक नगर, सागर, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली।
राजस्थान (10 जिले): झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर, राजगढ़, गुना, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना।
महाराष्ट्र (9 जिले): अलीराजपुर, बड़वानी, खरगौन, खंडवा, बुरहानपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट।
गुजरात (2 जिले): झाबुआ, अलीराजपुर।
छत्तीसगढ़ (6 जिले): सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनुपपुर, डिंडोरी, बालाघाट।
मध्य प्रदेश के प्रमुख महल
मध्य प्रदेश में कई ऐतिहासिक महल हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख हैं:
गुजरी महल/दान महल: ग्वालियर (निर्माण: मानसिंह)
मोती महल: ग्वालियर (जीवाजीराव सिंधिया का महल)
जयविलास पैलेस: ग्वालियर (इटालियन शैली पर निर्मित, सिंधिया का निवास स्थान, वर्तमान में संग्रहालय)
बघेलीन महल: मंडला (मोतीमहल के पूर्व में 8 किमी दूर नर्मदा नदी के किनारे)
मदन महल: जबलपुर (निर्माण: गोंड राजा मदनशाह)
खरबूजा महल: धार (धार किले में स्थित)
राजा रोहित का महल: रायसेन के दुर्ग में (निर्माण: राज बसंती)
बादल महल: रायसेन
हवा महल: चंदेरी (निर्माण: कीर्तिपाल, अशोकनगर किले में स्थित)
नौखण्डा महल: चंदेरी
राजा अमन का महल: अजयगढ़, पन्ना (निर्माण: अजयपाल)
जहांगीर महल: ओरछा (निर्माण: वीरसिंह)
राजमंदिर महल: ओरछा (निर्माण: बीर सिंह)
अशर्फी महल: मांडू, धार (अफगानी कला में निर्मित, कटोरीनुमा)
दाई का महल: मांडू (वर्तमान में महत्वपूर्ण कलाकृतियों का संग्रहालय)
रानी रूपमती का महल: मांडू (बाज बहादुर की प्रेयसी रानी रूपमती का महल)
मध्य प्रदेश की प्रमुख नदियाँ
मध्य प्रदेश कई महत्वपूर्ण नदियों का उद्गम स्थल है।
नर्मदा नदी:
देश की पांचवीं सबसे बड़ी नदी।
उद्गम: अमरकंटक (अनूपपुर)
समापन: खम्भात की खाड़ी (अरब सागर)
अन्य नाम: मैकल सुता, सोमोदेवी, रेवा
लंबाई: 1312 किमी
सहायक नदियाँ: कुन्दी, शेर, हिरन, दुधी, हथिनी, बंजर, शक्कर।
चंबल नदी:
उद्गम: महू (इंदौर), जानापाव पहाड़ी (854 मीटर ऊंचाई)
समापन: इटावा में यमुना नदी
सहायक नदियाँ: क्षिप्रा, कालीसिंध, पार्वती, बनास
लंबाई: 1040 किमी
बेतवा नदी:
मध्य प्रदेश की पांचवीं सबसे बड़ी नदी।
उद्गम: रायसेन के कुमरा ग्राम से
समापन: उत्तर में यमुना में मिलती है
सहायक नदियाँ: धसान, बीना
लंबाई: 480 किमी
सोन नदी:
उद्गम: अमरकंटक (अनूपपुर)
समापन: पटना के निकट गंगा में
सहायक नदियाँ: जोहिल्ला, बनास, गोपद, रिहन्द
लंबाई: 780 किमी
क्षिप्रा नदी:
उद्गम: इंदौर, काकरी बरडी पहाड़ी से
समापन: उज्जैन, रतलाम, मंदसौर में बहती हुई चंबल में
लंबाई: 195 किमी
विशेष: इसे मालवा की गंगा कहते हैं।
ताप्ती नदी:
उद्गम: बैतूल जिले के मुल्ताई से
समापन: खम्भात की खाड़ी
लंबाई: 724 किमी
सहायक नदियाँ: पूरणा, बाघुड़, गिरना, बोरी, शिवा।
तवा नदी:
उद्गम: पंचमढ़ी, महादेव पर्वत
समापन: होशंगाबाद, नर्मदा नदी में
विशेष: मध्य प्रदेश का सबसे लंबा बांध तवा नदी (1322 मीटर, होशंगाबाद जिले में) पर है।
काली सिंध:
उद्गम: देवास के बागली गांव से
समापन: शाजापुर व राजगढ़ में बहती हुई राजस्थान में चंबल में
लंबाई: 150 किमी
केन नदी:
उद्गम: कटनी, कैमूर से पन्ना व बांदा जिला (उत्तर प्रदेश) होती हुई यमुना में समाहित होती है।
प्राचीन नाम: शुक्तिमती, दिर्णावती।
बैनगंगा नदी:
उद्गम: सिवनी (परसवाड़ा पठार)
अन्य नाम: बेवा, दीदी
विशेष: महाराष्ट्र की वर्धा नदी से इसका संगम होता है। यह दक्षिण मध्य प्रदेश की ओर बहने वाली एकमात्र नदी है।
टोंस नदी:
उद्गम: सतना जिले के मैहर में कैमूर पहाड़ी से
समापन: रीवा से होकर सिरसा (उत्तर प्रदेश) के पास गंगा नदी में
सहायक नदियाँ: बीहड़, वेलन
प्राचीन नाम: तमसा।
कुंवारी नदी:
उद्गम: शिवपुरी पठारी से
समापन: भिंड जिले की लहार तहसील में सिंध नदी में।
पार्वती नदी:
उद्गम: सीहोर जिले से
समापन: चाचौड़ा (गुना) से होती हुई चंबल में
विशेष: इसके किनारे आष्टा, राजगढ़, शाजापुर नगर बसे हैं।
कूनो नदी:
उद्गम: शिवपुरी पठार से
समापन: चंबल
लंबाई: 180 किमी
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