भारतीय अर्थव्यवस्था: एक विस्तृत परिचय (Indian Economy: A Detailed Introduction)
भारतीय अर्थव्यवस्था: एक विस्तृत परिचय (Indian Economy: A Detailed Introduction)
क्या आप जानते हैं कि अर्थशास्त्र के जनक कौन हैं या विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएँ कौन सी हैं? यह पोस्ट आपको भारतीय अर्थव्यवस्था और उससे जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों के बारे में विस्तार से बताएगी।
अर्थशास्त्र और विश्व अर्थव्यवस्था के मूल सिद्धांत
अर्थशास्त्र के जनक: एडम स्मिथ को अर्थशास्त्र का जनक माना जाता है। उनके विचारों ने आधुनिक आर्थिक सिद्धांतों की नींव रखी।
तीसरी दुनिया (Third World) शब्द: इस शब्द का प्रयोग विकासशील देशों के लिए किया जाता है, खासकर शीत युद्ध के दौरान उन देशों के लिए जो किसी भी बड़े गुट (पूंजीवादी या समाजवादी) का हिस्सा नहीं थे।
पूंजीवादी और समाजवादी अर्थव्यवस्था: संयुक्त राज्य अमेरिका पूंजीवादी अर्थव्यवस्था अपनाने वाला पहला बड़ा देश है, जबकि रूस (तत्कालीन सोवियत संघ) समाजवादी अर्थव्यवस्था को अपनाने वाला पहला देश था।
विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएँ:
विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था संयुक्त राज्य अमेरिका की है।
विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन की है।
मिश्रित अर्थव्यवस्था (Mixed Economy):
मिश्रित अर्थव्यवस्था को अपनाने वाला विश्व का पहला देश फ्रांस है।
भारत में अर्थव्यवस्था मिश्रित है, जिसका अर्थ है कि यहाँ निजी (Private) और सार्वजनिक (Public) क्षेत्रों का सह-अस्तित्व है।
मिश्रित अर्थव्यवस्था का प्रारम्भ भारत में 1948 में हुआ।
भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रमुख पहलू
सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में भारत का स्थान: सकल घरेलू उत्पाद की दृष्टि से भारत का विश्व में पांचवां स्थान है। (यह जानकारी समय-समय पर बदल सकती है, क्योंकि भारतीय अर्थव्यवस्था तेज़ी से बढ़ रही है और कई अनुमानों के अनुसार जल्द ही तीसरे स्थान पर आ सकती है। नवीनतम डेटा के लिए कृपया विश्वसनीय आर्थिक स्रोतों को देखें।)
मानव विकास रिपोर्ट (Human Development Report - HDR):
भारत की पहली मानव विकास रिपोर्ट 2002 में जारी की गई थी।
भारत की मानव विकास रिपोर्ट को पूर्व में योजना आयोग जारी करता था, जिसे अब नीति आयोग द्वारा विभिन्न रिपोर्टों के माध्यम से संकलित और प्रस्तुत किया जाता है।
राष्ट्रीय आय (National Income):
राष्ट्रीय आय समिति ने अपनी पहली रिपोर्ट 1951 में पेश की थी।
राष्ट्रीय आय एक प्रवाह (Flow) है, न कि एक स्टॉक (Stock)। इसका अर्थ है कि यह एक निश्चित अवधि में अर्जित आय को दर्शाती है।
हिंदू वृद्धि दर राष्ट्रीय आय से जुड़ी है, यह भारतीय अर्थव्यवस्था में धीमी विकास दर के एक ऐतिहासिक पैटर्न को दर्शाती है।
वर्तमान में राष्ट्रीय आय की गणना का आधार 2011-2012 (2015 से प्रभावी) है।
भारत का राष्ट्रीय आय का मुख्य स्रोत सेवा क्षेत्र है (परंपरागत रूप से कृषि का योगदान अधिक था, लेकिन वर्तमान में सेवा क्षेत्र का योगदान अर्थव्यवस्था में सबसे अधिक है)।
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